Poetry Details
इस वीर रस की कविता जिसका शीर्षक “BHARAT ” है उसे अभि मुंडे’साइको शायर” द्वारा लिखा गया है जिसे संगीत बद्ध Nitin Ugalmugale जी ने किया है
क्या मैं मुजरिम कहलाऊंगा और क्या होगा इल्जाम
अगर हरे रंग से हिंदू लिख दू भगवे से इस्लाम
या कह दूं मैं अगर सभी एक है अवतार एंजल नबी एक है
सहर पहर और शाम एक है जहर शहद और जाम एक है
सूरज चंदा रात एक है बादल और बरसात एक है
पानी एक है हवा एक है बीमार पड़ो तो दवा एक है
पर खून सभी का अलग है शायद बूंद-बूंद में फर्क है शायद
गर्म किसी का किसी का ठंडा किसी का उम्दा किसी का गंदा
किसी का महंगा किसी का सस्ता किसी का रेशम किसी का खस्ता
अलग ही है तो अलग रंग दो ये रंग एक है ऐसे कैसे
खून बहे तो बुरी बात है तो फिर जंग नेक है ऐसे कैसे
या मैं कह दूं कि वह है ही नहीं ना था या होगा भी नहीं
तो ना ही मजहबी जंग होगी ना उनकी वजह कोई रंग होगी
हां होगी बहस पर हालातों पर सब गौर करेंगे बस बातों पर
फिर क्या क्या होगा नहीं पता पर यकीनन एक उमंग होगी
हर सरहद प्यासी मर जाएगी और माएं बेटों के संग होगी
या होगी बर्बाद नस्ल सब चोर खूनी लुटेरे होंगे
डर ही खत्म हो जाएगा तो सभी एक से चेहरे होंगे
तो मैं कह दूं क्या वो है वहां पर ठीक वही होता है जहां पर
देख रहा है हमें वहां से जो दिखता नहीं हमें यहां से
बनाया जिसने ब्रह्मांड सारा सासों को हमारी दिया सहारा
सवारा हमको बड़े प्यार से बड़ी उम्मीद और एतबार से
भेजा फिर धरती पर हमको कहा कि सूरज बनकर चमको
कहा कि मेरा अंश है तुम में कहा कि मेरा वंश भी तुम हो
मेरे कार्य की भुजाएं हो तुम और मेरा सारांश भी तुम हो
मैं शायद खुद को भाप रहा हूं जो जीवन तुमको सौप रहा हूं
दिखा रहा हूं भरोसा तुम पर बस बनाए रखना खुद के दम पर
लौटो ग जब तब स्वागत होगा बड़े प्यार से पास बिठाकर
पर अब से दुनिया तुम्हारी है तुम ही संभालो रखो टिका कर
और देखता होगा नीचे अब तो आंखों में आग भर देखता होगा
नेत्र पीड़ा से फटते होंगे जब भी झाक कर देखता होगा
भरोसा ही यूं तोड़ा है उसका कि वो शायद ही अब सोता होगा
हम यहां से उसको रुलाते रह गए वो वहां बैठकर रोता होगा
कभी मन करता है कि बुला ले उसको नीचे है और कहे
कि आ नीचे आजा भाई रे आ नीचे आ नीचे आजा भाई रे
आ दुनिया को हाथ लगा यहां सड़ रही है जिंदा लाश
तू आ और इनको आग लगा आ नीचे आ नीचे आजा भई रे
पर क्या तू सच में है वहां पर और है तो तेरा धर्म बता
बहस छिड़ी है नीचे आजा और बता कौन सा धर्म बड़ा